गांधारी
आँखों पे पट्टी बाँध के, युगों तक तपस्या की,
गांधारी के त्याग ने, हर मर्यादा पार की।"
"धर्म की रक्षा में, खुद को भी अंधा किया,
गांधारी के साहस ने, इतिहास को नया मोड़ दिया।"
"पुत्रों के अधर्म पर, माँ का दिल था रोया,
गांधारी की वेदना ने, हर पत्थर को भिगोया।"
"न्याय की देवी बनकर, कृष्ण को भी शाप दिया,
गांधारी के क्रोध ने, देवों को भी कंपा दिया।"
"पतिव्रता का धर्म निभाया, हर कष्ट को सहा,
गांधारी की महिमा का, कोई पार ना पा सका।"
"सौ पुत्र खोकर भी, धर्म पर अडिग रही,
गांधारी की ममता की, गाथा अमर रही।"
"अंधेरे में भी जिसने, सत्य का प्रकाश फैलाया,
ऐसी माँ गांधारी को, शत-शत नमन हमारा।"