प्रकृति का संदेश
हरी घास पर ओस की बूंदें,
फूलों की पंखुड़ी पर ठहरी खुशबू।
नदी का निर्मल संगीत सुनो,
प्रकृति कहती है, "मुझे अपनाओ, रुको।"
पेड़ों की छांव में शांति छिपी,
हर पत्ती में है जीवन बसी।
आकाश की ऊँचाई हमें सिखाए,
अपने सपनों को कैसे फैलाए।
चिड़ियों का चहचहाना सुबह का गीत,
प्रकृति देती है जीवन का संगीत।
पर्वत, सागर, और हरियाली का कण-कण,
सिखाता है हमें, "रहो सदा प्रसन्न।"
बारिश की बूँदें प्यार जताती हैं,
बिजली की चमक जागरूक बनाती है।
धरती पर हर जीव का अधिकार,
प्रकृति का प्रेम है सबसे अपार।
इस प्यार को पहचानो, इसे सहेजो,
प्रकृति का संदेश दिल में बिठा लो।
हमारा अस्तित्व है इस पर निर्भर,
प्रकृति है जीवन, इसे मत बिखरने दो।