सच्चाई और प्रेम का पाठ
सच के रास्ते पर जो चलता है,
हर मुश्किल से वो न डरता है।
प्रेम जहाँ हो, विश्वास जले,
अंधियारे में भी दीप जले।
धैर्य से हर बंधन टूटे,
संघर्ष में ही जीवन छूटे।
समर्पण जो मन में होता है,
हर सपना साकार होता है।
त्याग जहाँ हो, प्रेम वहीं,
दिलों को जोड़ता बंधन यही।
झूठ के पथ पर हार मिले,
सच के राही को जीत मिले।
अपने रिश्तों को समझो प्यारे,
प्रेम के दीप जलाओ सारे।
सच्चा सुख वही पाता है,
जो दूसरों का दुख मिटाता है।
हर कर्म करो निष्ठा से तुम,
दुनिया बदलेगी सच्चाई से तुम्हारे संग।
प्रेम और सच्चाई का जो रखे मान,
जीवन में वही पाता है सम्मान