वक्त कटे या न कटे मगर जिंदगी कट जाती है
बाल सफ़ेद होते हीं
जिंदगी अपना आधा सफ़र तय कर लेती है
बत्तीसी गिरने का यही प्रमाण है कि ???
जिंदगी अब कूच पलों का मेहमान है
जैसे ही जिंदगी ख़त्म हो जाती है
उनका शरीर राख में तब्दील हो जाता है
आत्मा उनकी अमर हो जाती है
फ़िर से नए तरीके से जिंदगी की शुरुआत होती है
दुसरे बच्चे में उनकी आत्मा प्रवेश कर जाती है
इसीलिए लोग कहते हैं कि आत्मा अमर है
और यही सत्य है और यही मेरी सोच है ।।
नरेन्द्र परमार ✍️