**नए सपनों की उड़ान**
नीले अम्बर में छुपा है,
अनगिनत तारों का जहान,
आओ सपनों की सीढ़ी लेकर,
करें एक नई उड़ान।
हर एक किरण से छू लें हम,
आसमान की गोद को,
चाँदनी की चादर ओढ़ लें,
तारों की ओढ़नी में सो।
हर पल में कुछ नया रचें,
हर क्षण में कुछ सृजन हो,
ख्वाबों के संग, जिएं ऐसा,
जैसे मन का चंदन हो।
चलो, बनाएं एक दुनिया,
जहाँ न कोई सीमा हो,
प्रेम और सौहार्द से भरी,
हर ओर बस खुशी का राग हो।
नई सुबह की किरणों में,
हम भी कुछ चमकते जाएं,
जीवन के इस राग में,
अपनी धुन सजाते जाएं।