राखी का त्योहार है आया,
खुशियों का संगम संग लाया।
बहन ने थाल सजाया प्यार से,
भाई के माथे पर टीका लगाया स्नेह से।
धागों में बंधा है विश्वास,
रिश्तों का अद्भुत एहसास।
भाई की कलाई पर राखी बांधकर,
बहन मांगे उसकी लंबी उम्र और प्यार।
मिठाईयों की मिठास और रौनक,
दिलों में उमंग और चांदनी की चमक।
इस त्योहार का हर पल है खास,
भाई-बहन का अमर है यह साथ।
राखी का धागा है बहुत अनमोल,
इसमें छिपा है स्नेह का अनमोल रत्न।
भाई का वचन और बहन का प्यार,
सदा रहेगा इन धागों में साकार।
इस पवित्र त्योहार की महिमा है निराली,
हर घर में बिखरे खुशियों की लाली।
भाई-बहन का यह पावन बंधन,
सदा रहे अमर, यही है हमारी कामना।
राखी के दिन हर दिल गाता है,
प्रेम और विश्वास का गीत सुनाता है।
रिश्तों की यह ममता भरी राखी,
हम सबके जीवन में खुशियों का उजाला लाती।
नाराणजी जाडेजा