क्या लिखूं कैसे शुरू करूं।
एक दोस्त क्या होता है।
वो तो तुमसे ही जाना।
तुम को वो हर बात पता है।
वो तो तुमसे ही जाना।
तुम एक जिन्दा दिल , हंसमुख।
हर बात को बहुत ही साकारात्मक लेना।
मुझे अच्छे से समझाना।
और कहना सही है ना।
बहुत ही खुशनसीब होगा वो
जिसका साथ आपने दिया।
कभी भी शायद ही आप
गुस्सा भी होते होंगे।
गुस्सा आए भी तो शायद
खिड़की से चले जाते होंगे।
मेरी बस यही तमन्ना है
उस रब से ये दोस्त।
तुझे दुनिया की सारी खुशियां मिले।
और तेरे दिल में हमेशा युही
गुलिस्तां खिलें।
मौसम को तो बदलते देखा है मैंने
पर तू कभी ना बदल जाना जिंदगी में।
दोस्त।।