कोई नाम नहीं इस रिश्ते का.....
जो तेरे मेरे बीच है.,
बस कुछ एहसास हैं...!!#
*
जो हम समझते हैं कुछ जज़्बात हैं ,
जो तुम से मुझ तक पहुँचते हैं....!!#
~★~
कुछ अनकही सी बातें हैं.,
जो बस हम सुन पाते हैं...!!#
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नहीं बँधे हम.,
दुनिया की रस्मों में तो क्या..?
दिल की धड़कनें तो बंधी हैं एक दूसरे से...!!#
~★~
नहीं समझता ये जहां.,
इस बेनाम रिश्ते को तो जाने दो....!!#
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बस तुम हो मैं हूँ.,
एक दूसरे के लिए.....!!#
बस यही काफ़ी है.....
हाँ यही काफ़ी है .......!!#
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