एक आम सा दिखने वाला व्यक्ति अपनी बेटी के लिए खास होता है । वह अपने पिता के लिए बाहर सम्मान दृष्टि से अधिक कुछ नहीं चाहती । एक पिता-माता अपनी संतान के लिए वह वृक्ष है जिसकी छांव में वह सुरक्षित हैं । संतान की गलतियों को क्षमा कर समान भाव प्रेम रखने की क्षमता परमात्मा के बाद केवल माता-पिता में हैं ।
पितृ दिवस केवल एक माध्यम है शब्दों में अपनी भावना को पिरोकर व्यक्त करने के लिए । हर एक दिन विशेष कृतज्ञता के लिए हैं ।