#pain
में तुम्हे फिर मिलूंगी।
क्या पता तुम मुझे पहचान पाओ या नहीं।
इस जन्म के सफर मैं हम हमसफर तो नही...
में तुम्हे फिर मिलूंगी।
कभी किसी नए मोड़ पर,
जहा तुम्हारा मेरा कुछ समझना सीखना अधूरा होगा,
या तो हमे कुछ पुराने जन्म के हिसाब चुकता करने हो।
में तुम्हे फिर मिलूंगी
जब तुमने कभी सोचा नहीं होगा,
जब तुमने कभी ईश्वर से मुझे मांगा नही होगा।
में तुम्हे फिर मिलूंगी
जैसे बारिश होती है, मौसम बदल जाता है।
उस बदलते मौसम में तुम मुझे याद करोगे।
जब तुम्हे अच्छे दोस्त की आवश्कता होगी।
तब में तुम्हे मिलूंगी..........।
ये जन्म के सफर मैं ,,,,,,,, क्या पता में तुम्हे फिर मिलूंगी।