दोस्ती और प्यार में किसे चुनूं मैं,
दिल के इस सवाल का जवाब दूं कैसे मैं।
दोस्ती एक दरिया है, जिसमें सुकून है,
हर मुश्किल में साथी, हर खुशी में जूनून है।
प्यार एक जादू है, जो दिल को भिगोता है,
हर धड़कन में उसकी, एक नया अहसास होता है।
दोस्ती का हाथ थामे, मंज़िलें आसान हो जाती हैं,
राहें चाहे मुश्किल हों, कदम भी महक जाती हैं।
प्यार की राहें मीठी, पर चुनौतियों से भरी होती हैं,
हर कदम पे इम्तिहान, हर मोड़ पे परी होती हैं।
दोस्ती एक चिराग है, जो हर अंधेरे को मिटाता है,
प्यार एक आग है, जो दिल में जलन जगाता है।
दोनों का अपना रंग है, अपनी-अपनी महक है,
दोस्ती में भरोसा है, प्यार में उलझनें बहक हैं।
दोस्ती और प्यार का चुनाव आसान नहीं होता,
दोनों का अपना मजा है, दोनों का अपना खज़ाना होता।
शायद दोस्ती और प्यार, दोनों ही जरूरी हैं,
दिल के इस फैसले में, दोनों ही मंजूरी हैं।
तो क्यों ना दोनों को साथ रखें, दिल में बसाएं,
दोस्ती के फूल और प्यार के गुलाब, दोनों सजाएं।