इस दुनिया को यह क्या हो गया है?
जो सबसे मूल्यवान माना जाता था
वह चरित्र कही खो गया है।
बहुत आसान हो गया है अब दूसरों पर उंगली उठाना
क्योंकि खुदकाही जमीर अब मर सा गया है।
किसीको नीचा दिखाने के लिए यूं गिर जाते है लोग,
मानो यह उनका रोजका धंधा हो गया है।
सरल होता है दूसरोंके चरित्र पर लांछन लगाना
क्योंकि हजार प्रलोभनों के बीच ,सब सहते हुए उत्तम चारित्र को पाना अब मुश्किल हो गया है।
इस दुनिया को यह क्या हो गया है?
#Character