आँगन में कोई धूप नहीं आयी है
सांकल को खटखटाया नहीं गया
गौरैयों ने बसेरा छोड़ दिया
तुम्हारे जाने के बाद
छत पर रखे गमलों में फूल नहीं खिले
चौखट पर रंगोली नहीं दिखी
दीवारें बेरंग-सी हो गयी हैं
तुम्हारे जाने के बाद
नींद कभी बिस्तर तक नहीं आयी
दुख में भी रोना नहीं आता है
मैंने कोई ख्वाब नहीं देखा
तुम्हारे जाने के बाद
तुम्हारे जाने के बाद
मैंने समझा
कि जाने वाले साथ लिए जाते हैं
हमारी देह से हमारी आत्मा
तुमसे प्रेम करने की कीमत है
मेरी अनंत भावशून्यता।