#Success
मैं और मेरे अह्सास
जलती धरती की तड़प तो पूछो l
अबोल जीव की तरस तो पूछो ll
धरती में पर्यावरण दिवस मना रहे l
उपग्रह की हो रही गरज़ तो पूछो ll
उपजाऊ भूमि को बंजर करके l
धरा की पीड़ा की सफर तो पूछो ll
सुखा पड़ा सूरज की अग्नि से l
तेज तपिश की ठंडक तो पूछो ll
ईश्वर की सृष्टि को रुला रहे हैं l
ज़मीं बचाने की कसक तो पूछो ll
अंतरिक्ष में घर बना लेगे हम l
सफ़लता का जहर तो पूछो ll
२०-५-२०२४
सखी
दर्शिता बाबूभाई शाह