#MothersDay
मां तेरी याद बहुत आती है,
देर रात जब नींद नहीं आती है,
सपनों के जगह जब अंधेरा डराती है,
बुरे बुरे खयाल दिल में दस्तक देती हैं,
मौत से ज्यादा जब जिंदगी सताती है,
मां तेरी याद बहुत आती है।
तू नहीं होती तेरी यादें बस होती है,
बालों को सहलाके माथा थपथपाती है,
आगे बढ़ने को मन में हौंसला बढ़ाती है,
तेरे अंदर की कण कण में मैं हूं,
कानों में बस ये कह जाती है।
फिर भी मां,
हर पल मुझे बस तेरी कमी खलती है,
आज भी कदम डगमगाते तो जुबां पे
बस नाम तेरी आती है,
मां मुझे तेरी याद बहुत आती है।
गीता