दुनिया में जिसको जहाँ होना चाहिए
वह ठीक वहीं है,
सिवाए मेरे और तुम्हारे
जिसतरह आसमाँ के पास है–
चाँद,तारें और नक्षत्र
धरती के पास है–
बहती नदियां, खिलते फूल
ठीक उसी तरह तुम्हें होना चाहिए था मेरे पास
सीने से लिपटे हुए
जैसे लिपटा हुआ है बसंत, पेड़ों से।
#basant