तेरी बाहों मे ईश्क मेरा आबाद हो जाए
खुद को भूल जाऊ बस तु ही तु याद हो जाए
मे लिख लिख तेरी शायरी हर महफ़िल को लूट लू
तेरे गुलाब होंठो से एक बार ईरशाद हो जाए
तेरी बाहों मे ईश्क मेरा आबाद हो जाए
तुम ना दिखो तो बारिश भी कुछ खास नही लगती
बिना तेरे सच कहूं भूख प्यास नही लगती
कट तो जाता है फिर भी दिन किसी बहाने से
पर घबराता हूं फिर से कन्ही ना रात हो जाए
तेरी बाहों मे इश्क मेरा आबाद हो जाए
तू अपने दिल की बाते मुझे बेशक मत बताया कर
मेरी जान अपनी तकलीफे मुझसे मत छुपाया कर
तू तो हक जताया कर इकलौती हकदार तू मेरी
खामोशी से खड़े मुश्किल मामलात हो जाए
तेरी बाहों मे इश्क मेरा आबाद हो जाए
शुभ रात्रि मित्रो।