सुनो ना!
कोई महल ना सही, सर पे छत जरूर होगी ।
तुम्हें चाहने की उम्र भर चाहत जरूर होगी ।।
जब रात को आया करोगी मिलने हमसे,
पायल उतार् के आना वरना आहट जरूर होगी ।।
तुम जो चाहोगी हाजिर ना कर पाउँ शायद,
मिल वाँट के साथ रहलोगी ना ___
और हर वक्त खुशियाँ कहा रहती हैं जिंदगी में,
दुख् साथ मेरे कभी कभी सहलोगी ना ।।
जब जब मन करे घर अपने चली जाया करना,
मुझे कोई गिला या शिकवा नहीं होगा तुमसे,
बस कभी कभी प्यार से "सुनो जी" तो कहलोगी ना ।।
हर सुबह अपने हाथो से बनी हुई chai तो पिलाओगी ना,
कभी उलझ जो जाऊं दुनिया में, तुम सुलझाओगी ना ।।
और इश्क़ का क्या है बेशुमार रहेगा तुमसे___
हमें हमारे होने वाले बच्चों से जल्दी से मिलवाओगी ना ।।
बस इत्ता सा ही तो सपना है मेरा____
साथ निभाओगी तो आसानी होगी पुरा करने में,
मेरे घर में में और मम्मा है बस साथ सुकून से रहलोगी ना ।।
बस कभी कभी प्यार से "सुनो जी" तो कहलोगी ना ।।
*Write__PwN Singh Rajput* ✍️