पता है, प्रेम में सुकूँ क्या है?
वो अपनी प्रिये के अधरों को न चूमकर,
चूम ले उसके माथे को❣
वो जब भीड़ भाड़ में हो,
और थाम ले तुम्हारा हाँथ❣
वो जब थक जाये,
तो रख ले अपनी प्रिये की गोद में सर
लेट जाए❣
और लेट जाये जैसे कोई छोटा सा बच्चा हो।
बस इतना❣
हाँ, बस इतना सा ही सुकूँ तो चाहा था हमने भी।
ख़ैर।❣❣