आत्मनिर्भर
"पापा, ये आपने ठीक नही किया।" 17 साल का नैमिष आपने पुरुष होने के घमंड के साथ बोला। पापा ने उसी पुरुषत्व की शांति से उत्तर दिया," क्या हुआ बेटे? इतना क्यों भड़क रहा है।"
"पापा, आपकी लाडली बेटी और मम्मी ने मुझसे यू नो बॉय से बर्तन धुलवाए। ये मेरा काम थोड़ी ना है।"
" इसमें कोनसा बड़ा गुनाह कर दिया?"
"पापा.. ओह! आप तो रहे फेमिनिस्ट, मेरा थोड़ी ना पक्ष लेंगे। मेरा कहा ऑब्जेक्शन है। दीदी को पढ़ा रहे हो ना , उसे independent बनाओ पर मुझ पर क्यों अत्याचार करते हो?"
पापा कहा," में तो सिर्फ तुम दोनो को आत्मनिर्भर बनाना चाहता हूं।"
"में तो आत्मनिर्भर ही हूं। में इतने पैसे कमा सकता हूं की आराम से जी सकु।"
"फिर क्या तुम जिसके लिए कमा रहे हो उस पेट की भूख शांत करने के लिए पैसे चबाओगे? आराम से जीने के लिए घर को भी साफ रखना पड़ता है। वरना तुम ही कहोगे आपने दीदी को सब सिखाया पैसा कमाना और अच्छा घर बनाना भी, क्यों?।"
"सच कहा, लड़के लड़की एक समान।"