मेरी अभिलाषा
काश ऐसा सच हो जाएं।
जैसा मैं चाहूं बस वैसा हो जाएं।।
कहीं से मुझे दो पंख मिल जाए
फिर उस पंख को लगा कर मैं उड़ जाऊं
काश ऐसा सच हो जाएं
जैसा मैं चाहूं बस वैसा हो जाएं।।
मैं बस पंख फैलाऊं और उड़ जाऊं
बस पहुंच जाऊं अपने घर अंगना।।
वहां पहुंच कर मैं दरवाजा खटखटाऊ
दस्तक सुन मेरे बाबा मुझे गले लगाएं।
क्रमशः।