"गजल"
इश्क में इस क़दर भी तड़पाया ना करो,
चंद लम्हे तो साथ मेरे बिताया करो,
इश्क में इस कदर......
मुद्दतो बाद तो मिले हो हमे,
गैरों की तरह पेश आया ना करो,
इश्क में इस क़दर......
चंद लम्हे ठहर जा,
जिंदगी अभी और तू,
बात बात पे यूं रूठ जाया ना करो,,
इश्क में इस क़दर.....
कोई रंज ना कोई मलाल रखना
जो मुद्दा हो उसे खुल के कहो,
यूं झूठे बहाने बनाया ना करो,,
इश्क में इस क़दर.....
अश्क बहते हैं आंखों से तेरी
कीमत बहुत है इनकी मेरे लिए,
बेकार ये मोती लुटाया ना करो,
इश्क में इस क़दर......
ये दौलत यूं ही लुटाते हो तुम,
ये बेवजह किसी पी जाया ना करो,
इश्क में इस क़दर.......
तेरी मोहब्बत में रोते हैं हम,
ऐसी दिलफरेब बाते बनाया ना करो,
इश्क में इस क़दर,.......
--अन्जू