मुलाकात से होता है बेपनाह प्यार,
खोल दीए आपने मेरे दिल के द्वार
नजदीकिया भी बहुत नसीब से मिलती है,
पाने की जिद पागल बना के छोड़ती है,
जब होती हो तुम साथ मेरे महबूबा,
तब मौसम में खुशबू तुम्हारे प्यार की होती है,
आते हो पास मेरे तो बदन में बिजली सी दौड़ती है,
तुम्हारे लब से मेरे लब की मुलाकात होती है,
हाथो में हाथ थाम के अपने प्यार का एहसास बताती हो,
आलिंगन में लेके मुझे मिलने का दरिया बताते हो,
गहरा है तेरा प्यार मेरे लिए नाप न सकेगा कोई,
महादेव की रेहमत है की हमारा प्यार को जान न सकेगा कोई,
आई थी उसी दिन जब था माहोल बड़ा मजेदार,
मुझे नहीं मालूम था की आ जायेगी ऐसे तू यार,
ना सोचा था तू देगी एक मुझे अपनेपन का एक और एहसास,
मिलके मेरी जिंदगी में एक नए एहसाह की फैलाई सुवास,
आलिंगन था तुम्हारा मेरे बदन में इतना सुनहरा,
दिन बना दिया तूने मेरा, बिगड़ा था जो कहीं बात से गहरा,
बात ऐसी करी की ना जाने कहा हुई खामोशी गुम,
मिली राहत दिल को जैसे घाव को दिया मरहम,
ऐसी जिंदगी के लिए सौ बार सलाम ऊपरवाले को,
दिया यार ऐसा की दुआ करता रहता है मेरा दिल पाने को,
नसीब से मिला है यार भले ही तू मुझे बहुत देर से,
अब जीना है साथ ऐसे की जिंदगी ना भी मिले तो भी हो बढ़ के हर एक से ! 🐼
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