प्रेम संदेशा 💕
💕💕💕💕💕
ज़मीं की सरहदों को,,
जब वक्त ने पार किया होगा।
कोहरे की धुंध ने जब झरने,,
को अपनी आगोश में लिया होगा।
जब एक सुबह ने निशा को,,
प्रेम संदेशा दिया होगा ।
तब सीप में मोती बने होंगे,,
चांद मुस्कुराया होगा,,
और न जाने कहां ,, उस खूबसूरत
रात का जिक्र हुआ होगा ।
सोचते है हम कि काश उस शाम
हम भी शहर में होते तो एक शमा
हमारे घर भी जली होती ।
~ कामिनी त्रिवेदी