हाँ मुझे इंतजार है
वक़्त बेवक़्त आते ख्यालो मे,
बिखरी हुई जुल्फों की यादों मे,
वो इतवार की छुट्टी मे,
हाँ मुझे इंतजार है ।
रोज हसी मे,कभी कभार खामोशी में,
तेरी यादों के गुल्दस्तो मे, हस्ते हुए पलो मे,
कभी तेरी मुस्कान मे,तो कभी आँखों मे,
हाँ मुझे इंतजार है
कभी तेरे वादो और इरादो में,
कभी राह मे, तो कभी चाह मे,
कभी खुशी मे, तो कभी उदासी मे,
हाँ मुझे इंतजार है
ऑफीस के कामों में,कभी फुर्सत के पलो में,
बारिश की बूँद मे ,कभी हवा के झोंको मे,
भवरे की गुंजन मे, कभी कोयल की राग मे,
हाँ मुझे इंतजार है
संजोय हुए सपनों मे,नीँद की गहराईयो मे,
सुबह की ठण्ड मे तो, शाम की सितलता मे,
कभी मेलो मे कभी भीड़ भरे बाजार मे,
हाँ मुझे इंतजार है
भरत (राज) ( ♥♥)