फ़िर एक बहोत करीबी दोस्त मुझसे
बिछड़ गया,
इलाज लाख कर लिया,हकीम मर्ज
पकड़ते रह गया,
था एक दोस्त मेरा भी जो उसने भी
मुझसे मुंह मोड़ गया,
जानें खता क्या हुईं मुझसे न नाराज़गी
जताई न निभाई दोस्ती आधे रास्ते में
हांथ मेरा छोड़ गया,
सुख दुःख का तेरा साथी हुं,झूठे वादे
कर मुझसे, वो इस दुनियां को ही
छोड़ गया,,,😢💔
Miss you dost,,,😢💔
Zakhmi dil...✍