🦋...SuNo
ऐ लड़की... तेरा ये लहज़ा बदला बदला
सा ये बातें उखड़ी उखड़ी सी....🥀
नहीं और ज़रूरत कहने की,हमको
. इतने इशारे काफी हैं समझने को.
ज़ख्मी-ऐ-अल्फ़ाज़ से नाता तोड़ तूं तेरा
ठिकाना बदल लिया,
सुन मोहतरमा मैंने भी खेला था ऐ खेल
बहूत इस खेल में खिलाड़ी "ज़ख्मी"
कोई नया नहीं,..☝️
दूर जाना चाहे मेरे करीब जो आकर,
मैंने भी उसको रोका नहीं,
अरे जा के मैंने तुझ पर रत्ती भर का
किया भरोसा नहीं..🤌
╭─❀🥺⊰╯
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•सुलगते®🔥®अल्फ़ाज़•🦋
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