निराशा
आसान नहीं होता जब दिल में निराशा बस जाती है,
सपनों की पलकों पे अँधेरा छा जाता है।
उम्मीदों की किरने भी खो जाती है कहीं,
हौसलों की धड़कने भी दब सी जाती है।
हर कोई सोचता है, क्या हासिल होगा इस सफर में,
पर जब नतीजे ना मिले, तो दिल उदास हो जाता है।
समय के साथ हम बदलते हैं और अपनी उम्मीदें भी,
पर जब सब कुछ व्यर्थ साबित होता है, तो निराशा दिल को छू जाती है।
पर ध्यान दो, यह जीवन की कविता है,
निराशा सिर्फ एक मानसिक स्थिति, वो अविश्वास नहीं।
संघर्षों के बावजूद भी हम आगे बढ़ते हैं,
क्योंकि निराशा को हराकर ही हम अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते हैं।
अंधकार की गहराईयों में छिपी निराशा,
मन की अंतराल में बसी आशाओं का संहार।
खोयी हुई उम्मीदों के दरिया में,
सफर की दास्तान, यह निराशा है अजनबी।
हर कदम पर लगता है अवसाद का बोझ,
मन को घेर लेती है हार की सन्नाटा।
परंतु ये भी सत्य है कि निराशा की राहों में,
छिपी होती हैं नई राहों की सिखाएँ अनगिनत।
चाहे जैसी भी हो आवस्था, आत्मविश्वास मत खोना,
निराशा के बाद भी उठो, नई ऊँचाइयों को छूना।
क्योंकि जीवन की कहानी में हर एक अध्याय,
निराशा की गहराइयों से निकलकर ही लाता है नई रौशनी का सफर।
- - - - - कार्तिक Arya - - - -