एक अरमान है
तेरे साथ वक्त बिताने की।
एक दिली इच्छा है
तुझे अपना बनाने की।।
कुछ ख्वाहिशे कुछ इच्छाएँ
सूखे पड़े है इन जिम्मेदारियों के पेड़ पर।
एक तमन्ना है
तुझमें खो जाने की।।
तू मेरा होकर भी मेरा नही
एक इलतज़ा है खुदा से।
तुझे हर -पल करीब पाने की
एक ख्वाहिश है तुझे जी लेने की।।
मीरा सिंह