#कलम
कलम को अपनी डायरी में "
छुपा कर रखता हूँ
उन्हें कभी खिड़कियों तक
लेजा कर बाहर की दुनियाँ में चल रही
नफ़रत की जंग दिखाई नहीं कभी
में नहीं चाहता कलम खंडित हों
उन्हें कविताएं लिखने के
लिए कुछ समय बाहर
आने की इज़ाज़त दी ताकी वो
सिर्फ प्रेम रस ही लिखें ..
निक राजपूत