Hindi Quote in Shayri by Ravinder Sharma

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हैरान हूँ के मुद्दत-ए-क़लील में मोहसिन, 🙌
वो शख्स मेरी सोच से ज़्यादा बदल गया। 🌷🙈🥺🙌
उसकी चाहत का भरम क्या रखना, 🙈
दश्त-ए-हिजरां में क़दम क्या रखना, ☀️
हँस भी लेना कभी खुद पर मोहसिन, 🌷
हर घडी आँख को नम क्या रखना। ☀️🌻🌺🥺
हजूम में था वो खुल कर न रो सका होगा, 😊
मगर यकीन है कि शब भर न सो सका होगा। 😎🌈💐💐
हमसे बेवफ़ाई की इन्तहा क्या पूछते हो मोहसिन, 🙌
वो हम से प्यार सीखता रहा किसी और के लिए। 🥺🤐👌👌
आज इस उजड़े हुए शहर में मोहसिन हमको, 🙌
अपने बिछड़े हुए यार की बहुत याद आयी। 🥺🙏👌🙈
मेरी तन्हाई को जरुरत है तुम्हारी मोहसिन
अगर इजाज़त हो तो यादों मैं बसा लूँ तुमको। 👌🌈😲🌥
जो तेरी मुंतज़िर थी वह आँखें ही बुझ गयीं, 😲
अब क्यों सजा रहा है चिराग़ों से शाम को। 🙈🙃🌥🙏
कौन कहता है नफ़रतों में दर्द है मोहसिन, 😲
कुछ मोहब्बतें भी बड़ी अज़ीयत नाक होती हैं। 🌷😊🌺🙃
ज़माने भर की निगाहों में जो खुदा सा लगे, 🌼
वो अजनबी है मगर मुझ को आशना सा लगे, 🙌
न जाने कब मेरी दुनिया में मुस्कुराएगा, 🌷
वो शख्स जो ख्वाबों में भी खफा सा लगे। 🙂🌈😊🌈
अब तो जान ही देने की बारी है मोहसिन, 👌
मैं कहाँ तक साबित करूँ कि वफ़ा है मुझमें। 🤐😲🌻🌈
वो शख़्स जिसको समझने में मुझको उम्र लगी, 💐
बिछड़ के मुझसे किसी का हो न सका होगा। 🌷🌈🥺😊
कोई बरसात ऐसी हो जो तेरे संग बरसे मोहसिन, 🥺
तनहा तो मेरी आँखें हर रोज़ बरसती हैं। 🌼💐🌥🥺
जब से उसने शहर छोड़ा हर रस्ता सुनसान हुआ, 🙈
अपना क्या है सारे शहर का एक जैसा नुकसान हुआ, 🤐
ये दिल ये आसेब की नगरी मस्कन सोचूँ वहमों का, 🌺
सोच रहा हूँ इस नगरी में तू कब से मेहमान हुआ। 😊🌷😎🌷
गुमसुम सी रहगुज़र थी किनारा नदी का था, 🙌
पानी में चाँद, 🙏 चाँद में चेहरा किसी का था। 🌼😲🙌🌻
मज़ा देती हैं उनको ज़िन्दगी की ठोकरें मोहसिन, 🙂
जिनको नाम-ए-खुदा ले कर संभल जाने की आदत हो। 🌈😲☀️🙂
एक पल में ज़िन्दगी भर की उदासी दे गया, 🤐
वो जुदा होते हुए कुछ फूल बासी दे गया, 🌥
नोच कर शाखों के तन से खुश्क पत्तों का लिबास, 😊
ज़र्द मौसम बाँझ रुत को बे-लिबासी दे गया। 😲💐🌥💐
कश्ती अभी उम्मीद की डूबी तो नहीं है, 💐
फिर क्यों तेरी आँखों में ये तूफ़ान हैं मोहसिन। 🙏🥺👌☀️
मुन्हसिर अहल-ए-सितम पर ही नहीं है मोहसिन, 🌻
लोग अपनों की इनायत से भी मर जाते हैं। 🌼🥺🌥👌
वो पिला कर जाम लबों से अपनी मोहब्बत का मोहसिन, 🙃
अब कहते हैं के नशे की आदत अच्छी नहीं होती। 🌈😎🌷👌
अभी कमसिन हो, 🌺 रहने दो, 🙏 कहीं खो दोगी दिल मेरा, 👌
तुम्हारे ही लिए रखा है, 🙂 ले जाना जवान हो कर। ☀️🌥😲😲

Hindi Shayri by Ravinder Sharma : 111879554
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