जवानी आते ही बेटे ने बाप से सवाल किया कि
आपने मेरे लिए क्या किया है कूंच भी तो नहीं
बाप ने कहा कि मैंने ज्यादा तो कूंच नहीं किया है
मगर मैंने तुम्हारे पीछे अपना नाम दिया है
तुम कहीं भी गए होगे मगर आज तक किसी ने तुझे
लावारिस नहीं कहा है
बस इसके अलावा मैने तुम्हारे लिए कूंच नहीं किया है
अब आगे तुम ही समझ जाओ बेटा
में तो अनपढ़ हुं मगर तुम तो पढ़ें लिखे हों ना ???
नरेन्द्र परमार " तन्हा "