रियल दादी
मेरी दादी किसी कहानी जैसी
सू - चरित्र नहीं हैं, 😬
वो न ही किसी परियों की कहानी
जैसी मीठे बोल बोलने वाली ग्रैंडमाँ हैं!
उनके मोटे- मोटे शब्द
कई बार ज़ख़्म दे देते हैं 🤷
पर उनका प्यार
ज़ख्म को कभी नासूर नहीं बनने देता। 😃
उनकी कुछ ठेठ गालियाँ
आज भी बड़ी प्यारी लगती है 😍
कई बार तो हम गलतियां करते हैं 🥴
ताकि गालियों की भूख मिटायी जा सके 😅
मुझे याद है, बचपन मे मेरी दादी
गोद में बिठा कर
खूब प्यार किया करती थी 💕
और अब अपने किस्से कहानिया
दुःख - दर्द हमसे शेयर करती हैं। 🫂 🧓
वो हँसती भी हैं और 😃
रोती भी हैं 😓
वो हँसाती भी है 😄और
रुलाती भी हैं। 🤷😬
जब पास बैठो उनके तो
हर किस्सा बयान करती हैं। 💬
अपने वक़्त को हमेशा ही
हमारे सामने जिंदा रखती हैं। ⏳
कभी बांधती हैं रिवायतों में 😕
तो कभी समझ जाती है
हमारे आज को भी। 😌
मेरी नोक झोंक तो उनसे चलती रहती है, 🙅
कभी वो अपनी मनवाती है 🙆
तो कभी मैं अपनी चलाती। 💁
घुईया लाने की जगह
जब सामने उनके घीया आ जाती
तब अपना वाला रूप दिखाती 😅
और हमारे बीच फिर एक बहस छिड़ जाती😏
मेरी दादी किसी कहानी जैसी
सू - चरित्र नहीं हैं, 😬
ये तो एकदम रियल लाइफ
करेक्टर का कनेक्शन है। 🤝