पर प्यार तो में आज भी बेशुमार करता हूँ.............
(1) ना उसके आने का इंतज़ार करता हूँ,
ना बेचैन दिल को ओर बेकरार करता हूँ।
और ना अब मोहब्बत का इज़हार करता हूँ,
पर प्यार तो में आज भी बेशुमार करता हूँ।।
(2) ना खुदा से शिकायतें हजार करता हूं,
ना रातों में आंसुओ कि बोछार करता हूं।
और ना उस से मोहब्बत की गुहार करता हूं,
पर प्यार तो में आज भी बेशुमार करता हूं।।
(3) ना उसकी गली में जाने का विचार करता हूं,
ना हर रोज़ सपनों में उसका दीदार करता हूं।
और ना अब उसके कॉल का इंतज़ार करता हूं,
पर प्यार तो में आज भी बेशुमार करता हूं।।
(4) ना अब उसकी बातो पर ऐतबार करता हूं,
ना उसकी याद में समय को बेकार करता हूं।
और ना अब उसकी तारीफें ज़ोरदार करता हूं,
पर प्यार तो में आज भी बेशुमार करता हूं।।
- khushhal_writes