🕉️सनातन ज्ञान🕉️
🚩 चाणक्य नीति🚩
।।व्यक्ति को चाहिए कि इन बातों के संबंध में सदैव सोचता रहे जैसे कि मेरा समय कैसा है? मेरे मित्र कितने हैं? मैं जिस स्थान पर रहता हूं, वह कैसा है? मेरी आय और व्यय कितना है? मैं कौन हूं? मेरी शक्ति क्या है अर्थात मैं क्या करने में समर्थ हूं? |