हनुमान जिनका नाम
माता अंजनी का पुत्र
कहलाए वह अंजनी पुत्र।
किया अपने प्रभुका इंतज़ार,
भक्ति की उम्रभर।
माता सीताका वह प्यारा दुलारा।
जलाके लंका सोनेकी,
छीन लिया दशग्रीव का चैन।
मिलते ही विभीषण से,
किया हाथ जोड़ नमन।
होकर भी बहुत शक्तिशाली,
कभी न जताया अभिमान।
शांतिकी मूरत है वह,
जय जय वीर हनुमान।
#Hanuman