हम ईश्वर की आराधना इसलिए नही करते कि हमें उनमें आस्था है
बल्कि इसलिए करते है क्योंकि हमें उनसे डर है ।
अगर अभी ईश्वर आके ये बोल दें कि जाओ मैं तुम्हे कुछ भी करने की आजादी देता हूं।
तो मैं शर्त लगा सकता हूं, 99.99% लोग पूजना ही छोड़ देंगे ,क्योंकि फिर उनमें डर की जगह अहंकार आ जायेगा लेकिन आस्था न कभी थी , न कभी आएगी ।