जब गर्दिशों में रहा था तक़दीर का सितारा
अपनों ने हमसे कर लिया था जब किनारा
तुम एक अजनबी हो के हमारे पास आये
एक अजनबी हो के भी हमारे रहनुमा बन गए
जो वादे अपनों ने किये थे तुमने वो निभाए
अचानक न जाने किस जहाँ में तुम खो गए
हम तुम्हारा शुक्रिया भी न अदा कर पाए