सभी से विनती है, कि आनेवाले ३ दिनों में जितना हो सके उतना श्रीमद्भगवद् गीता के १४ वां अध्याय का पठन करें ।
*ॐ नमों भगवते सुदर्शन वासुदेवाय , धन्वंतराय अमृतकलश हस्ताय , सकला भय विनाशाय , सर्व रोग निवारणाय , त्रिलोक पठाय, त्रिलोक लोकनिथाये , ॐ श्री महाविष्णु स्वरूपा, ॐ श्री श्रीॐ औषधा चक्र नारायण स्वहा !!*