मैंने सबसे पहले तुमसे ही पूछा
पाठ्यक्रम का विवरण
हवा की ठंडक
और तुमने पुष्टि की
मेरे इन सरल दिनों की ।
मैंने सबसे पहले तुममें ही खोजा
अपना पता
आने-जाने का रास्ता
सम्पूर्ण प्यार का एहसास
और तुमने लगायी मुहर
मेरे इन चलते वर्षों पर।
**महेश रौतेला
१८.०८.२०१५