मै सुन्दर चेहरा नही हूँ !
खूबसूरत याद भी नही |
न मै समय का आकर्षण हूँ !
किसी की फरियाद भी नही |
मै इन सभी की भीड़ में ,
चकाचौंध प्रदर्शन से पृथक ,
आश्रयहीन , सम्मान से च्युत ,
किसी कोने मे बैठी ,
सिसकती अनगित प्रश्न लिए
पीड़ा हूँ !
अश्रु धार हूँ !! |