मुश्किलोसे भरा है रास्ता पर चलना तो होगा
अरमानो को कुचलकर जलना तो होगा
उठा रहे है लोग सवाल मेरी हस्ती पे
एहतियात के लिए सब से संभलना तो होगा
संघर्ष की राह पर गर मिल जाए कोई दुश्मन
दुश्मन के मुरादो को डटके हमे कुचलना तो होगा
लाख रोके मुझको बेरहम जमाने का डर
जीतना है गर तो अांखो में खलना तो होगा
इतनी शिदत से चाहा है कुछ जिंदगी मेंं
आखिर में मंझिल को मुझसे मिलना तो होगा
मत इतराना अपने आज पे ए दोस्त
अपने हिस्से का कर्म तूझको भुगतना तो होगा