रामायण भाग - 19
**********'*******
लंका आगमन (दोहा - छंद)
**********************
ऊँचे ऊँचे महल हैं, नगर हैं ये विशाल।
दुर्ग स्वर्ण के है बने, सुंदर नगर कमाल।।
हनुमत लंका पहुँच कर, धरा ऐसा स्वरूप ।
द्वार खड़ी थी लंकिनी, धर लिया सूक्ष्म रूप।।
लंकिनी कहे तू कौन हैं , सही बात तू बोल।
आया क्यूँ तू ये बता , भेद जरा तू खोल।।
एक लात में ही मिटा , दिया तब अहंकार।
मार गिराया लंकिनी, लिया सही आकार।।
Uma Vaishnav
मौलिक और स्वरचित