हाँ ! लगता है कि तुम सच मे जा चुके ,
हाँ ! लगता है कि बदल चुकी प्राथमिकताये
तुम्हारी नये परिवेश मे |
हाँ ! लगता है अब तुम केवल मुझमे ही शेष हो,
तुममे मै नही |
हाँ ! तुम्हारी उदासीनता , कही तल्लीनता हो शायद तुम्हारी |
बदलाव शायद सहज नही , यह परिणाम हो तुम्हारे या शायद आगाज हो मेरे बड़े बदलाव का |