#लेखक (दोहा - छंद)
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लेखक अपने भाव को, कहे शब्द में ढाल।
शब्द भाव मिलकर करे, लेखन बड़ा कमाल।।
गीत ग़ज़ल औ छंद भी, लिखते लेखक खूब।
कलम लेखक के लिए , जैसे हो महबूब।।
कलम पकड़ कर हाथ में, लेखक लिखे किताब।
साथ कलम का जो मिले, बढ़ता है रूबाब ।।
Uma Vaishnav
मौलिक और स्वरचित