कृष्ण की महिमा (दोहा - छंद)
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कृष्ण चरण की रज मिले, जीवन हो साकार।
हरि की सेवा प्राप्त हो, बने मुक्ति आधार।।
संग गाय के खेलते , कहलाते गोपाल।
हरि की महिमा गा रहे, शिव देव महाकाल।।
लीला अपार हैं कृष्ण की,कैसे करूँ बखान।
नाम उमा श्री कृष्ण का, बना प्रेम की खान।।
Uma Vaishnav
मौलिक और स्वरचित