नोक-झोंक
पति - अजी सुनती हो
पत्नी - पत्नी चुप
पति - सुन रही हो कितनी देर से चिल्ला रहा हूँ
पत्नी - मै कानो से बहरी नही हूँ कुछ आगे भी बोलोगे पूरे घर को आसमान पर उठा रखा है
पति - यह बात तुम प्यार से भी बोल सकती थी ।
पत्नी - (गंभीर होकर) हां पतिदेव मै अभी भी सुन सकती हूँ फरमाइये
पति - तेरे से तो बात करना ही बेकार है
पत्नी - अच्छा तो फिर क्यो कर रहे हो ?
( दोनो चुप )