0️⃣6️⃣0️⃣3️⃣2️⃣2️⃣छह मार्च दो हज़ार बाइस । रविवार । शुभ समय । वसंत ऋतु ।
(१) ज़िंदगी में सब कुछ छोड़ देना लेकिन मुस्कराना और उम्मीद कभी न छोड़ना ।
(२) प्रतीक्षा करने वालों को मात्र उतना प्राप्त होता है जितना प्रयास करने वाले छोड़ देते हैं ।
(३) Being wanted feeds the ego Being valued feeds the soul.
(४) शब्द, सादे हैं कितने प्यारे हैं; तुम हमारे हो हम तुम्हारे हैं ।
(५) उपलब्धि और आलोचना, एक दूसरे के मित्र हैं । उपलब्धियां बढ़ें तो निश्चित ही आपकी आलोचना भी बढ़ेगी ।
(६) माना कि दर्पण का मूल्य हीरे से कम है लेकिन हीरा पहनने के बाद ढूंढते सब दर्पण ही हैं ।
(७) Motive yourself to become better everyday.
घर में रहें स्वस्थ रहें ।
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