आज एक आस यू टूट गई
तुझसे मिलने की उम्मीद फिर छूट गई।
कुछ जमाने की रशमे है
पर हमारा रिश्ता तो रूह का है।।
ये जमाना हर रिश्ते का नाम खोजता है
पर तूने तो हर रिश्ते से उपर वफाए की है।
ये उम्मीद की डोर आज फिर टूट गई
हा तुझसे मिलने की उम्मीद फिर से छूट गई।।
मीरा सिंह