दोस्ती के परिभाषा तो सदियों से चलीं आई,
दोस्तों के बिना जिंदगी कहाँ किसी को पसंद आई,
श्री राम और हनुमान की मित्रता दिलों को छूँ जातीं है,
श्री कृष्ण और सुदामा की मित्रता एक अमर कहानी है
सत्य के साथ कृष्ण और अर्जुन की मित्रता रंग आई,
असत्य के साथ दुर्योधन और कर्ण की मित्रता भी छाई,
दोस्त की दोस्ती को नज़र ना लग जाये मेरी,
दुवाऐ मैं करूँ और कामयाबी सर तेरे छूँ जाये।